RBI New Cibil Score Rules 2025: भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में क्रेडिट स्कोर से संबंधित कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए हैं। ये नए नियम आम नागरिकों के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे और उनके वित्तीय जीवन को और अधिक पारदर्शी बनाएंगे।
क्रेडिट स्कोर में आया बड़ा बदलाव
RBI के नए निर्देशों के अनुसार, अब ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर हर पखवाड़े में अपडेट किया जाएगा। यह अपडेट महीने की 15 तारीख और आखिरी दिन को होगा, जिससे ग्राहकों को अपनी वित्तीय स्थिति की ताजा जानकारी मिलती रहेगी। इस कदम से लोगों को अपने क्रेडिट स्कोर में आने वाले बदलावों पर बेहतर नजर रखने में मदद मिलेगी।
ग्राहक सुविधाओं में बड़ा विस्तार
बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए RBI ने कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं:
- बैंकों को क्रेडिट स्कोर चेक करने पर ग्राहक को तुरंत सूचित करना होगा
- लोन आवेदन अस्वीकृत होने पर कारण बताना अनिवार्य होगा
- सालाना एक बार मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट का प्रावधान
- लोन डिफॉल्ट से पहले ग्राहक को पूर्व सूचना
शिकायत निवारण व्यवस्था में सुधार
नई व्यवस्था के तहत शिकायतों के समाधान के लिए एक स्पष्ट टाइमलाइन तय की गई है:
- क्रेडिट ब्यूरो को 9 दिन का समय
- बैंकों को 21 दिन की समय सीमा
- कुल 30 दिनों में शिकायत का समाधान अनिवार्य
- समय सीमा का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 100 रुपये का जुर्माना
नोडल अधिकारी की भूमिका
प्रत्येक बैंक में एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो:
- क्रेडिट स्कोर संबंधी शिकायतों का समाधान करेंगे
- ग्राहकों की समस्याओं का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेंगे
- सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करेंगे
डिजिटल सूचना प्रणाली
नए नियमों में डिजिटल माध्यमों से सूचना देने पर विशेष जोर दिया गया है:
- एसएमएस और ईमेल के माध्यम से नियमित अपडेट
- ऑनलाइन क्रेडिट रिपोर्ट की उपलब्धता
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा
निष्कर्ष
RBI के ये नए नियम वित्तीय क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हैं। इन नियमों से न केवल ग्राहकों को अपनी क्रेडिट स्थिति की बेहतर समझ मिलेगी, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। नई व्यवस्था से ग्राहकों को अपने वित्तीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और वे समय रहते सही निर्णय ले सकेंगे।
आरबीआई के इन नियमों से वित्तीय सेवाओं में गुणात्मक सुधार आएगा और ग्राहकों को अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। यह पहल न केवल व्यक्तिगत वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत करेगी, बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।